ले. प. तथा ले. सेवा क्यों?

भा. ले. तथा ले. से. अपने विस्तृत इतिहास के साथ, अपने विभिन्न साकारात्मक परिणामों के कारण एक प्रमुख केन्द्रिय सेवा के रूप में विकसित हुई है। भा. ले. तथा ले. से. भारत के नि. तथा म. प., के तहत कार्य करती है जो कि एक संवैधानिक निकाय है, जो इसे किसी भी प्रकार के राजनैतिक इस्तक्षेप से अलग रखता है। यह सेवा सभी लोक सेवाओं में सबसे अधिक समयबद्ध पदोन्नति के के लिए जानी जाती हैं। यह माना जाता है कि पूरी सार्वजनिक व्यवस्था एक विशालकाय हाथी की तरह है। इस विशाल आकार के कारण, इसके तहत काम करने वाले व्यक्ति स्वयं को इसका केवल एक भाग महसूस करते हैं। भा. ले. तथा ले. से. एक प्रकार की सेवा है जिसमें इस हाथी को पूरी तरह समझने का अवसर प्राप्त होता है, क्योंकि यह सरकार के सभी विभागों के साथ नजदीकी संपर्क से कार्य करती है, चाहे यह लेखांकन के लिए हो या लेखापरीक्षण के लिए। ज्ञान उन्मुख विभाग होने के कारण यह सेवा व्यावसायिक रूचि वाले व्यक्तियों के लिए अत्यंतआकर्षक होती हैं। किसी संस्था के लेखापरीक्षण के लिए उस संस्था की गहन समझ होनी आवश्यक है। इसलिए अधिकारियों को स्वयं को लगातार अपडेट रखने की आवश्यक होती है इसलिए लेखा परीक्षा, लेखा तथा वित्त के क्षेत्र में भा. ले. तथा ले. से. अधिकारियों को उनके बहुआयामी अनुभव तथा विशेषज्ञता के लिए नौकरशाही में सम्मान दिया जाता है।इसमें आश्चर्य की बात नही है कि इनमें से कईं अधिकारी भारत सरकार के केंद्रीय मंत्रालयों में प्रमुख पदों पर कार्य कर रहेहैं।समय के साथ नौकरशाही में एकाकीपन की शिकायत आ जाती है। इसको दूर करने के लिए भा. ले. तथा ले. से. अपने अधिकारियों को विभिन्न कार्यक्षेत्रों जैसे- लेखा, हकदारी तथा लेखापरीक्षा में कार्य करने के विभिन्न अवसर प्रस्तुत करता है।
स्वयं लेखापरीक्षा में भी इतने अधिक कार्य क्षेत्र शमिल होते हैं जो काम को स्फूर्तिदायक तथा चुनौतीपूर्ण बना देते हैं। भारत सरकार द्वारा हाल ही मे किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार यह सेवा 3 अखिल भारतीय सेवाओं में से तथा केंद्रीय सेवाओं में से अपने अधिकारियों को नौकरी में उच्चतमसन्तुष्टि प्रदान करने वाली सेवा पायी गई है इसे कर्मचारी उन्मुख सेवा के रूप में जाना जाता है। जैसा कि उपरोक्त वर्णित सर्वेक्षण से भी स्पष्ट है, विश्व के सर्वोच्च अंतर्राष्ट्रीयलेखापरीक्षासंस्थानों के सहयोगी कार्य ढाँचे/प्रणाली के कारण, अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं जैसे- संयुक्त राष्ट्र, विश्व स्वास्थ्य संगठन और अन्य देशों के लेखा परीक्षण तथा द्विपक्षीय/बहुपक्षीय कार्य करने से भा. ले. तथा ले. से. अधिकारियों की अंतर्राष्ट्रीय पँहुच मेंवृद्धिहो रही है। भा. ले. तथा ले. से. अधिकारी विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संगठनों जैसे- संयुक्त राष्ट्र, अ. वि. प्र. तथा कई अन्य देशों द्वारा उनकी विशेषज्ञता तथा कौशल के लिए बुलाए जाते है।
इस प्रकार भा. ले. तथा ले. से. देश की नौकरशाहों के लिए एक अत्यन्त चुनौतीपूर्ण तथा संतोषजनक सेवा का अवसर प्रदान करती है।