हमारे बारे में

अकादमी

राष्ट्रीय लेखापरीक्षा तथा लेखा अकादमी ( रा.ले. तथा ले. अ.), भारतीय लेखापरीक्षा तथा लेखा विभाग का शीर्ष प्रशिक्षण संस्थान है रा.ले. तथा ले. अ. लोक सेवा परीक्षा द्वारा नियुक्त भारतीय लेखापरीक्षा तथा लेखा सेवा (भा.ले. तथा ले. से.) अधिकारियों को प्रांरभिक प्रशिक्षण प्रदान करती है। यह भा.ले. तथा ले. से. प्रशिक्षु अधिकारियों को पेशेवर तथा सक्षम अधिकारी बनाने के उद्देश्य से वर्षो से प्रशिक्षित करती आ रही है। इस प्रकार, रा.ले. तथा ले. अ. भा.ले. तथा ले. वि. को इसके संवैधानिक अधिकार- पत्र का निर्वाह करने में भारत के निंयत्रक तथा महालेखापीक्षक के मार्गदर्शन मे अत्याधिक महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह कर रही है। अकादमी सेवारत् अधिकारियों के लिए सतत व्यावसायिक शिक्षण (कार्यकारिणीशिक्षा) योजना कार्यक्रमों का संचालन भी करती है।

दूरशिता

राष्ट्रीय लेखापरीक्षा तथ लेखा अकादमी का विजन सार्वजनिक लेखापरीक्षा तथा लेखा में अनुसंधान तथा प्रशिक्षण के माध्यम से सुशासन तथा सार्वजनिक वित्तिय जवाबदेहिता (financial Accountability) के लिए उत्कृष्ठता (excellence) तथा नवप्रवर्तन (innovation) का केंद्रबनना है।

लक्ष्य

हमारा लक्ष्य वर्तमान में हमारी भूमिका को सुस्पष्ट करता है तथा वर्तमान में हम जो कुछ कर रहे हैं उसकी व्याख्या करता हैः सीखने का ऐसा माहौल तैयार करना जो हमारे अधिकारियों का व्यक्तिगत विकास कर सके तथा उनके नैतिक तथा व्यावसायिक स्तर में सर्वोच्च वृद्धि कर सके।
हमारे पूर्णतःसरंचित(well-structured) तथा समग्र प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के माध्यम से ऐसे निपुण अधिकारियों का कैडर तैयार करना जो सार्वजनिक प्रशासन, लेखापरीक्षा, लेखा तथा सुशासन के क्षेत्र में वर्तमान समय के अनुसार बेहतरीन तरीके से कार्य कर सकें।
अधिकारियों को प्रबंधकीय तथा नेतृत्व के गुण समझाना ताकि वे भारत के सर्वोच्च लेखापरीक्षा संस्थान को सुपुर्द की गई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों तथा कर्त्तव्यों को वहन करने में सक्षम हो सके।
सेवा के लिए गहन गर्व की भावना को आत्मसात करना तथा भारत के नियंत्रक तथा महालेखा परीक्षक तथा भारतीय लेखा परीक्षा तथा लेखा विभाग द्वारा देश की राजनैतिक व्यवस्था में निभाई जाने वाली जीवंत भूमिका को समझना।
लेखा परीक्षा /लेखा प्रक्रिया को अधिक कुशल बनाने के दृष्टिकोण से लेखा परीक्षा, लेखा तथा सुशासन के क्षेत्र में अनुसंधान को प्रोत्साहन देना तथा इसे कार्यान्वित करना।

इतिहास
NAAA Time line

श्री नरहरि राव ने 1950 में चैडविक हाउस, शिमला में भा. ले. तथा ले. से. के एक प्रशिक्षण विद्यालय, अवासीय सह टयूटोरियल संस्थान की स्थापना की। भा. ले. तथा ले. से. के एक प्रतिष्ठित अधिकारी श्री पी. के.वाटल जिन्होने स्थानीय सरकार में महालेखाकार तथा वित्तीय सचिव के रूप में कार्य किया था, इसके मुखिया थे।
1949 की भा. ले. तथा ले. से. परीक्षा में सफल घोषित किए गए अभ्यार्थियों में से चुने गए परिवीक्षकों का पहला बैच 1950 में इस स्कूल में शामिल हुआ तथा इन्होंने (ए. जी.), पंजाब मे हुए व्यावहारिक प्रशिक्षण सहित 48 माह का प्रशिक्षण प्राप्त किया तथा इन्हें अक्तूबर- नवम्बर 1951 में हुई विभागीय परीक्षा के बाद विभिन्न महालेखाकार कार्यालयों में कार्यभार संभालने के लिए भेज दिया गया।
परिवीक्षकों के अगले बैच ने यारोज, शिमला में कार्यभार ग्रहण किया। इनके प्रशिक्षण की समाप्ति के पश्चात्, फरवरी 1953, में यह स्कूल मद्रास स्थानांतरित कर दिया गया, जहाँ के प्रमुख श्री वी. के. सुब्रहमण्यम. आपातकालीन कैडर सें सेवानिवृत अधिकारी थे,जिन्होंनेए. जी. मद्रास के समग्र निरीक्षण में कार्य किया। परिवीक्षकों के दो बैच- 1952 तथा 1953 ने मद्रास में प्रशिक्षण प्राप्त किया।
अक्तूबर 1955 में स्कूल को वापिस शिमला स्थानातंरित कर दिया गया तथा 19 भा. ले. तथा ले. से. परिवीक्षकों ने तथा 6 भा. रे. ले. से.(I.R.A.S.) परिवीक्षकों ने यारोज में कार्यभार ग्रहण किया। श्री जी, मैथियाज उस समय प्रमुख थे। 1957बैच के 29 परिवीक्षकों के आवास के लिए निकटवर्ती इमारत, यारोज विला को किराए पर लिया गया। गोर्टन कैसल में कक्षा लगाने तथा मुखिया के कार्यालय के लिए 10 कमरे समायोजित किए गए।
अक्तूबर 1974में स्टॉफ कालेज को गार्टन कैसल के निकट ऐतिहासिक रेलवे बिल्ड़िंगमें स्थानांतरित कर दिया गया जहाँ यह 1999 तक रही। इस दौरान 1990 में इसे राष्ट्रीय लेखा तथा लेखा परीक्षा अकादमी के रूप में अपग्रेड किया गया। अकादमी इसके वर्तमान स्थान चौड़ा मैदान मे दिसम्बर 2000 में स्थानातंरित की गई।
अकादमी की शुरूआत से, भा. ले. तथा ले. से.के 62 से अधिक बैच के अधिकारी अकादमी में बहुमुखी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं तथा भारत के नियंत्रक तथा महालेखा परीक्षक को उसके संवैधानिक तथा कानूनी उत्तरदायित्वों का वहन करने में अपना सहयोग दे रहे है। 1950 के दशक के मध्य के दौरान, भारतीय रेल सेवा के परिवीक्षक भी, भा. ले. तथा ले. से. परिवीक्षकों के साथ प्रशिक्षित किए जा चुकेहैं।जबकि भारतीय लोक लेखा सेवा के अधिकारी भी 1984 से 1992 के दौरान यहाँ प्रशिक्षित किए गए। अकादमीविदेशों सेजैसे- नेपाल, भूटान तथा ओमान के अधिकारियों को भी प्रशिक्षित कर चुकी है।

संगठनात्मक चार्ट

अकादमी का नेतृत्व महानिदेशक द्वारा किया जाता है जिसमें चार निदेशक (फैकल्टी सदस्य) तथा स्टाफ इनकी सहायता करते है। विस्तृत संगठनात्मक चार्ट नीचे दिखाया गया हैः

NAAA Organisational Chart