संकाय सदस्य

श्री जगबंस सिंह, महानिदेशक


इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट सर्विस के 1 9 86 बैच के श्री जगबंस सिंह, ने 9 अगस्त, 2018 को अकादमी के महानिदेशक के रूप में प्रभारी पदभार संभाला। वह पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ से सिविल इंजीनियरिंग स्नातक हैं। अकादमी में शामिल होने से पहले, श्री जगबंस सिंह चंडीगढ़ में पंजाब के प्रिंसिपल अकाउंटेंट जनरल (ऑडिट) थे। उन्होंने 1 993-9 5 के दौरान पहले अकादमी में उप निदेशक और संयुक्त निदेशक के रूप में कार्य किया था। भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा विभाग में उनकी अन्य पोस्टिंग नागपुर, मुंबई, दिल्ली, वाशिंगटन डी.सी., गंगटोक और चंडीगढ़ के कार्यालयों में रही हैं। वह भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के तहत भाकड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड, चंडीगढ़ में वित्तीय सलाहकार और मुख्य लेखा अधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्ति पर भी रहे हैं।
ईमेल: singhJ@cag.gov.in
फोन नंबर: 0177-2803178

 


श्री रामावतार शर्मा, निदेशक

श्री रामावतार शर्मा, 2003बैच के भा. ले. तथा ले. से. के अधिकारी हैं। इन्होनें अकादमी में निदेशक के पद पर 4 जुलाई 2016 को कार्यभार संभाला। ये विज्ञान मे स्नातक, विधि से स्नातक तथा लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर है।इन्होंनेआई. डी. आई.(I.D.I.) द्वारा जोखिम आधारितवित्तीयलेखापरीक्षा में प्रमाण पत्र प्राप्त किया है तथा सर्वोच्च लेखापरीक्षा संस्थानों के अंतर्राष्ट्रीय मानकों द्वारा प्रमाणित अनुदेशक (ISSAI facilitator) है। यह एक प्रमाणित सूचना प्रणाली लेखापरीक्षक (CISA) है। राष्ट्रीय लेखा तथा लेखा अकादमी में कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व ये विभिन्न क्षमताओं के कार्य जैसे- दिल्ली पुलिस में सहायक आयुक्त, सहायक महालेखाकार (महालेखाकार, राजस्थान), उपमहालेखाकार, (लेखापरीक्षा) नागालैंड, तथा लेखापरीक्षा निदेशक (पो. तथा दूरसंचार) दिल्ली में कार्य कर चुके हैं। इन्हें सरकार से साथ साझे राजस्व वाली (Revenue Sharing) निजि क्षेत्र की दूर संचार कंपनियो के लेखा परीक्षा का भी अनुभव हैं।


श्री कार्तिकेय माथुर, निदेशक

श्री कार्तिकेय माथुर 2004बैच के भा. ले. तथा ले. से के अधिकारी है।इन्होंनेअकादमी में4 जनवरी 2017 को निदेशक के पद पर कार्यभार संभाला। इन्होंने भारतीय तकनीकी संस्थान रूढकी से अभियंता स्नातक की उपाधि ली है। वे एक प्रमाणित सूचना प्रणाली लेखा परीक्षक(CISA) है तथा ये अनुपालन लेखापरीक्षा में प्रमाणित अनुदेशक(ISSAI facilitator) है।

अकादमी में कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व ये जम्मू कश्मीर में उप महालेखा कार के रूप में कार्य कर चुके है जहाँ ये निर्माण और प्राप्ति लेखापरीक्षा का कार्य देखते थे तथा साथ साथ लेखांकन संबधी कार्य जिसमें पेशन भी शामिल है देखते थे, ये उपमहालेखाकार (निर्माण लेखांकन) मध्य प्रदेश में भी कार्य कर चुके है।जहाँपर ये निर्माण खाते का अनुकरण जिसमें जी.पी. एफ भी शामिल है, देखते थे। ये विज्ञान लेखापरीक्षा के मुख्य निदेशक कार्यालय में भी निदेशक के पद पर कार्य कर चुके हैं, जहाँये पर्यावरण लेखापरीक्षा संभालते थे। ये अखिल प्रतिपूरक नववनीकरण कार्यक्रम में अखिल भारतीय निष्पादन लेखा परीक्षा, भारतीय नवीनीकरण उर्जा क्षेत्र तथा पर्यावरण विशुद्धि तथा बाढ. नियंत्रण लेखा परीक्षा के साथ भी जुडे थे।


श्री सचिन कपूर, निदेशक

श्री सचिन कपूर 2008बैच के भा. ले. तथा ले. से. अधिकारी हैं। ये एस. सी. डी. गवरमैंट कालेज, लुधियाना से वाणिज्य मे स्नातक हैंतथा एक चार्टर्ड अकाउटेंट हैं। अकादमी में निदेशक के पद पर इन्होंने1 अक्तूबर, 2016 को कार्यभार संभाला।

अकादमी में कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व ये विभिन्न क्षमताओं के कार्य जैसें – सहायक महालेखाकार ( मु. म.ले., हरियाणा) उप- महालेखाकार (बे. प. ले. इलाहाबाद) तथा उप निदेशक (रक्षा लेखा परीक्षा) दिल्ली में कार्य कर चुके है। इन्हे सार्वजनिक लेखांकन तथा रक्षा प्रतिष्ठानों के लेखा परीक्षा की भी अनुभव है।


सुश्री रूपवर्धनिनी बी आर, उप निदेशक

सुश्री रुपवराधनी बी आर 2012 बैच के आईए और एएस अधिकारी हैं। वह 24 वीं जुलाई 2018 को अकादमी में उप निदेशक के रूप में शामिल हुईं। वह नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूरिडिकल साइंसेज, कोलकाता से कानून स्नातक हैं और हार्वर्ड लॉ स्कूल, मैसाचुसेट्स से कानून की डिग्री के मास्टर हैं, जहां वह फुलब्राइट विद्वान थे।

अकादमी में शामिल होने से पहले, वह ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज, कोलकाता के लेखा परीक्षक, उप निदेशक थे। उनके पास माइक्रो फाइनेंस सेक्टर और नागरिक और आपराधिक मुकदमेबाजी में एक वकील के रूप में पूर्व कार्य अनुभव है। वह पर्यावरण कानून, मानवाधिकार, संवैधानिक कानून, लिंग और लोकतंत्र अध्ययन के क्षेत्र में शामिल रही है।